लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव; कांग्रेस ने लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को नोटिस सौंपा, हटाने की तैयारी
Congress No-Confidence Motion against Lok Sabha Speaker Om Birla
Lok Sabha No-Confidence Motion: विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने की तैयारी की है। स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है। कांग्रेस ने मंगलवार दोपहर स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को सौंप दिया है। इसके संबंध में कांग्रेस MP गौरव गोगोई ने कहा, हमने रूल्स एंड प्रोसीजर्स के रूल 94C के तहत औपचारिक रूप से लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस दिया है।
वहीं यह जानकारी मिल रही है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाये जा रहे अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने साइन किए हैं। मतलब अविश्वास प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया है। बता दें कि इससे पहले आज पार्लियामेंट हाउस कॉम्प्लेक्स में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व अन्य कांग्रेस नेताओं-विपक्षी नेताओं की एक अहम बैठक हुई। माना जा रहा है कि इस बैठक में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
स्पीकर ओम बिरला पर विपक्ष का 'अविश्वास प्रस्ताव' क्यों?
कांग्रेस का आरोप है कि लोकसभा सदन में स्पीकर ओम बिरला का रवैया पक्षपातपूर्ण है और वह BJP का पक्ष लेते हैं। आरोप है कि ओम बिरला सदन में विपक्षी सदस्यों को बोलने नहीं देते हैं। जबकि सत्तापक्ष के सांसदों को सदन में खूब बोलने का मौका दिया जाता है। साथ ही सत्तापक्ष के सांसदों द्वारा विपक्षी सदस्यों पर बार बार किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने की छूट मिलती है। बता दें कि, इन दिनों मौजूदा बजट सत्र के दौरान लोकसभा सदन में जोरदार हंगामा मचा हुआ है और सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही है। पक्ष और विपक्ष के लोग दोनों एक-दूसरे पर सदन ने चलने देने का आरोप लगा रहे हैं।
एक तरफ विपक्ष का कहना है कि सरकार के इशारे पर स्पीकर राहुल गांधी को नहीं बोलने दे रहे हैं। जबकि वह अमेरिका, चीन और एपस्टीन फाइल्स के मुद्दे पर बोलना चाहते हैं। इसलिए राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष के लोगों का कहना है कि कांग्रेस जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रही है। सत्तापक्ष का कहना है कि राहुल गांधी अबोध बच्चों की तरह सदन को चलाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस के लोग संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
फिलहाल, अब सवाल यह है कि क्या विपक्ष ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर पद से हटा पाएगा? क्योंकि लोकसभा सदन में बहुमत के हिसाब एनडीए गठबंधन का पलड़ा भारी है। कहा जा रहा है कि मौजूदा सत्र में अविश्वास प्रस्ताव सिर्फ राजनीतिक स्टंट भर ही है। वहीं आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया हो। इससे पहले विपक्ष राज्य सभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़ के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया था। लेकिन यह अविश्वास प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। वहीं बाद में खुद ही जगदीप धनखड़ का इस्तीफा हो गया था। जिसके बाद विपक्ष उन्हीं के पक्ष खड़ा नज़र आया था।